बस प्रेम से भर जाने दे
मुझे तुझमें बिखर जाने दे।
मेरे चंचल मन का सार
मुझे तुझमें लिख जाने दे।
घनघोर घटा अनुमोदित मन
मन उपवन खिल जाने दे।
छवि तुम्हारी प्रेयसी बन
मन मोहित कर जाने दे।
प्रेम आलिंगन महका कर
बस होठों को सील जाने दे।
प्रेम-प्रीति प्रिय आसक्ति
मंद मधुर रस भर जाने दे।


