यादें's image
Share0 Bookmarks 58763 Reads0 Likes

तुम कब इतना खुदगर्ज हो गए

पता ही न चला


हमारा तो रिश्ता था पवित्र दोस्ती का

तुम कब बदल गए पता ही न चला


तोड़ दी दोस्ती गलतफहमी के कारण

फिर क्यों अब दुःखी रहते

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts