Poetry 1 min read 622.5K reads

ठीक है


न पूछे मिज़ाज मेरा तो ठीक है,न पूछे राज़ मेरा तो भी ठीक है।

हर रोज़ जाम से रब्त बढ़ रहा है मेरा,कुछ न हुआ बयाँ तो ख़ामोशी ठीक है।

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