एक बेनाम रब्त है ये तोकोन जाने कि हम किधर जाएंपहले जो हो चुका वो ही होगादिल है फिर ग़ालिबन बिखर जाएं
एक बेनाम रब्त है ये तोकोन जाने कि हम किधर जाएं
पहले जो हो चुका वो ही होगादिल है फिर ग़ालिबन बिखर जाएं