ठीक नहीं है पथराव's image
162K

ठीक नहीं है पथराव

देश के नौजवानों

मत चलाओ तुम

मन की नदी में

नफ़रत की नाव

होगी मंज़िल इसकी

साहिल-ए-अलगाव


मत रोको तुम

सद्भाव का अविरल बहाव

कायम करो भाईचारा

रखो परस्पर लगाव


मत लाओ तुम

विचारों में हिंसा का भाव

बहुत हुआ, ख़त्म करो अब

बैर और मज़हबी तनाव


मत जगाओ तुम

दहशत के दानव को

फिर क्या शहर क्या

Tag: poetry और3 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!