किसी ने पूछा मुझसे
इश्क़ क्या है ?
जानते हो !
मैंने कहा ...
अजी हम तो, इश्क़ को
सीने में पालते हैं I
करता है कोई जब
आपकी तरह ही, ये सवाल
बताना पड़ता है कि
न फ़क़त इश्क़ को
जानते हैं,
बारहा, जी जी कर इसे
नए साँचे में
रोज़ ही ढालते हैं I
अब जो पूछ ही लिया है,
तो सुन लीजिए जनाब I
परिभाषा नहीं एक,
इश्क़ के हैं कई नाम I
फ़िलहाल,
आपके इक सवाल के
हैं ये सौ जवाब I
इश्क़ एहसास है
इश्क़ प्यास है
इश्क़ संजोग है
इश्क़ रोग है
इश्क़ बंदगी है
इश्क़ ज़िंदगी है
इश्क़ असरार है
इश्क़ क़रार है
इश्क़ दास्तान है
इश्क़ इम्तिहान है
इश्क़ बहर है
इश्क़ लहर है
इश्क़ आदत है
इश्क़ राहत है
इश्क़ विश्वास है
इश्क़ आभास है
इश्क़ जवानी है
इश्क़ कहानी है
इश्क़ हक़ीक़त है
इश्क़ ज़रूरत है
इश्क़ फ़ितूर है
इश्क़ दस्तूर है
इश्क़ दरिया है
इश्क़ नज़रिया है
इश्क़ बग़ावत है
इश्क़ क़यामत है
इश्क़ जुनून है
इश्क़ सुकून है
इश्क़ वफ़ा है
इश्क़ तोहफा है
इश्क़ अरमान है
इश्क़ फरमान है
इश्क़ ऐतबार है
इश्क़ बहार है
इश्क़ रवानी है
इश्क़ शादमानी है
इश्क़ हद है
इश्क़ ज़िद है
इश्क़ नज़राना है
इश्क़ परवाना है
इश्क़ ख़्वाब है
इश्क़ शबाब है
इश्क़ धड़कन है
इश्क़ तड़पन है
इश्क़ अंदाज़ है
इश्क़ रिवाज है
इश्क़ यारी है
इश्क़ बेक़रारी है
इश्क़ दोस्ताना है
इश्क़ अफ़साना है
इश्क़ अदा है
इश्क़ सदा है
इश्क़ ख़्वाहिश है
इश्क़ आज़माइश है
इश्क़ लगन है
इश्क़ अगन है
इश्क़ इंतज़ार है
इश्क़ इक़रार है
इश्क़ आफ़्ताब है
इश्क़ माहताब है
इश्क़ तराना है
इश्क़ दीवाना है
इश्क़ चिंगारी है
इश्क़ ख़ुमारी है
इश्क़ जज़्बात है
इश्क़ क़ायनात है
इश्क़ तन्हाई है
इश्क़ रुसवाई है
इश्क़ साज़ है
इश्क़ आग़ाज़ है
इश्क़ कलाम है
इश्क़ गुलफ़ाम है
इश्क़ नादान है
इश्क़ अंजान है
इश्क़ मिलन है
इश्क़ जलन है
इश्क़ किस्मत है
इश्क़ रहमत है
इश्क़ ख़याल है
इश्क़ जमाल है
इश्क़ श्रृंगार है
इश्क़ दीदार है
इश्क़ रुबाई है
इश्क़ अंगराई है
इश्क़ तस्वीर है
इश्क़ ताबीर है
इश्क़ वादा है
इश्क़ इरादा है
इश्क़ जाम है
इश्क़ पयाम है
इश्क़ सुरूर है
इश्क़ ग़ुरूर है
इश्क़ नज़ारा है
इश्क़ शरारा है
इश्क़ नगीना है
इश्क़ कमीना है
इश्क़ तपिश है
इश्क़ कशिश है
इश्क़ चाहत है
इश्क़ इबादत है
क्या इतने से, चल जाएगा !
हुज़ूर आपका काम I
कि जानना चाहेंगे, इश्क़ के
अभी और भी, कई आयाम II
गर मान सकते हैं तो
मशवरा ये मानिए ...
इश्क़ की बाबत,
पूछने की ज़रूरत नहीं I
इश्क़ को समझिए
इश्क़ को जानिए
इश्क़ को पहनिए
इश्क़ को ही ओढ़िए
भावनाओं और धड़कनों के
बस, चंद तार जोड़िए
शय है क्या इश्क़,
ख़ुद, ये राज़ खोलिए II
- अभिषेक


