बेरोज़गार हैं आप ?
हाँ ..... !
फिर तो, इस तथाकथित समाज में
सम्मान की चाह मत रखिए आप !
क्यूँकि इनकी नज़रों में
हैं आप एक अभिशाप !
जीने का उद्देश्य धन-अर्जन
गर नहीं किए तो, व्यर्थ है जीवन I
नहीं कर रहे हो कमाई
तो बेशक़ बोझ बने हो भाई I
इसलिए, अविलंब
ढूँढ़ लीजिए कोई काम
या कर लीजिए स्व-रोज़गार
वर्ना नहीं पाएंगे कहीं सत्कार I
और बिन माँगे मिल जाएंगे
आपको अनचाहे से ये नाम
नाकारा नालायक नाकाम II
- अभिषेक
