।।पिरीयड्स।।
-प्रगति प्रियम
मैं हर महीने आऊंगा,
तुमको बहुत रूलाऊंगा।
लेकिन इस दर्द को तुम अकेली सहो,
शशश... मैं पिरीयड्स हूं... पब्लिक में ऐसी बातें ना कहो।।
दर्द जितना हो,उसे तुम सहना,
कोई पूछे कैसी हो, दिल पर पत्थर रख तुम ठीक हूं कहना।
कपड़ों पर मेरे दाग से तुम डरो,
शशश... मैं पिरीयड्स हूं... पब्लिक में ऐसी बातें ना कहो।।
यहां मत जाओ, वहां मत बैठो ये छूना है मना,
खुद को तुम सीमित रखना।
इन दिनों ईश्वर की इबादत ना करो,
शशश... मैं पिरीयड्स हूं... पब्लिक में ऐसी बातें ना कहो।।
छुप छुप के तुम सबसे रोया करो,
इन दिनों तुम अलग थलग सोया करो।
किचन में तुम आना बंद करो,
शशश... मैं पिरीयड्स हूं... पब्लिक में ऐसी बातें ना कहो।।
मैं हर महीने आऊंगा,
तुमको बहुत रूलाऊंगा।
लेकिन इस दर्द को तुम अकेली सहो,
शशश... मैं पिरीयड्स हूं... पब्लिक में ऐसी बातें ना कहो।।


