वक्त को दो पल ठहर जाने दो
मुझे भी दो पल फुर्सत मिल जाने दो
रास्ते बहुत है मगर वक्त मुझसे पहले तुम गुजर जाते हो
इंतजार करो मुझे भी मंजिल तक पहुंच जाने दो
साथ चलते है, दो पल हम भी ठहरते हैं
कभी धीरे धीरे गुनगुनाएंगे
तो कभी फिर हम भी अपनी चाल बढ़ाएंगे
तुम साथ दो थोड़ा,हम भी कदम बढ़ाएंगे
इंतजार नहीं किसी का हम भी वक्त बन गुजर जाएंगे
तुम चलो हम भी पीछे आएंगे
मंजिल तक साथ पहुंच जाएंगे
फिर किस्सा वहि दोहराएंगे
राहें जहां अधूरी थी, फिर वहीं से पूरी होंगी
जिंदगी फिर मुट्ठी में हमारी होगी
फिर भी हम यही कहेंगे
वक्त को दो पल ठहर जाने दो
मुझे भी दो पल फुर्सत मिल जाने दो