काश तुम्हारी तस्वीर बोलती होती
तो मेरी जिंदगी इतनी अकेली ना होती
तुम सिर्फ तसवीर नहीं तकदीर होती
तो जिंदगी आज कुछ और होती,
इश्क करना तो आया, पर वफ़ा करना नहीं
वफ़ा सिखी होती तो तुम दूर ना होती,
तुम ख़ामोश हो तुम्हारी धड़कने बोलती है
आवाज मेरे दिल की गहराइयों से हो कर गुजरती है,
तुम्हारी आंखों में देखते ही सारी दुनिया मेरी हो जाती है
पर सामने से हटते ही, तुम फिर तस्वीर बन जाती हो,
जिंदगी तुम्हारे नाम की भूल भुलैया है
निकलने वाली राहों की मंजिल तुम हो,
तुम तस्विर हो, पर मेरी तकदीर हो
फिर भी काश तुम तस्वीर ना होती।।।