खुबसूरत दीवार के पीछे छुपे हुए कई राज हैं
दफन कई ख्वाब उनके साथ हैं,
सुन्दरता की मूरत ये इमारत समेटे हुए कई एहसास है
संगमरमर की दीवार ताजमहल,
उसमें भी शाहजहां का प्यार दफन मुमताज है
इन दीवारें के अपने अंदाज हैं,
आकषिर्त करती खुबसूरती, बिखेरती शांति
अंदर चीखें कई बेआवाज हैं
बंद हैं सारे दरवाजे, ऊंची छत, ऊंची दीवार है
पर ये घर नहीं , ये तो मिनार है
सुना है दीवारें के भी कान हैं
ये खड़ी बेआवाज, बाहर निकलने को बेताब है
ये खुबसूरत दीवार है।।
गुजरता हुआ राहगीर, महसूस करता
चीखती हुई शांति, दिखती हुई खुबसूरती,
आज़ाद पैरों की खनक बेड़ियां उनके साथ हैं
खुबसूरत दीवारें के पीछे छुपे हुए कई राज हैं