झिलमिलाती आंखों के बीच तुम रिमझिमाते हुए आ जाते हो,
मंद मंद हवाओं में सुगंध बन मेरी सांसों में समा जाते हो,
क्या ये तुम हो या सिर्फ एहसास है मेरा।
मेरी नींदों में ख्वाब बन जाते हो,
मेरी सुबहों में सूरज की किरण बन कदम रख जाते हो,
कभी तारा बन आकाश में टिमटिमाते हो,
तो कभी भंवरा बन फूलों पर मंडराते हो,
क्या ये तुम हो या सिर्फ एहसास है मेरा।
कभी चुपके से मुझे डराते हो,
तो कभी धीरे से दिल धडकाते हो
कभी झलक दिखाते हो तो फिर कभी छुप जाते हो,
कभी रोशनी बिखराते हो ,
तो कभी अंधेरा भर जाते हो क्या ये तुम हो या सिर्फ एहसास है मेरा।
तुम एहसास हो मेरे चुपके से आके मेरे दिल को छू जाते हो