...मेरे चेहरे पे मुस्कराहट का होना उसे खलता होगा,शर्द रातों में भी चाॕंद उबलता होगा,वो कहता था कि तेरे बिन जीऊॕंगा कैसे,अब मेरे बिन उसका काम कैसे चलता होगा....
...मेरे चेहरे पे मुस्कराहट का होना उसे खलता होगा,शर्द रातों में भी चाॕंद उबलता होगा,
वो कहता था कि तेरे बिन जीऊॕंगा कैसे,अब मेरे बिन उसका काम कैसे चलता होगा....