तुझे लिखना है जो लिख दे मेरी किस्मत में ऐ कातिब,
मगर ऐ जिन्दगी अब खुद को और आजमाया न जायेगा,
अगर आये ऐ मौत तो मुझे एक घूँट में पीना,
तिल तिल जिन्दगी से तेरा बोझा उठाया न जायेगा,
अगर होती ज़मींदारी तो घर को छोड़ देते हम भी,
हमसे अपने बच्चों को दर दर घुमाया न जायेगा...
...i cant be buddha
