उचाइयां हम भी
हांसिल कर लेते,
गर बुराइयों से
हमको परहेज नहीं होता।
उचाईयों से
प्यारी हैं नसीहतें माँ बाप की,
गर भूलते तो
बड़ा इससे फरेब नहीं होता।
-रविन्द्र राजदार


उचाइयां हम भी
हांसिल कर लेते,
गर बुराइयों से
हमको परहेज नहीं होता।
उचाईयों से
प्यारी हैं नसीहतें माँ बाप की,
गर भूलते तो
बड़ा इससे फरेब नहीं होता।
-रविन्द्र राजदार