टूटी गर्दन कटी जुबान,
लेके आयी हूँ भगवान |
क्यूँ चुप हो हे मालिक,
क्यूँ बनाये ऐसे इंसान |
क्या नहीं दिखा तुमको,
हैवानियत और हैवान |
रखलो पांव तले अपने,
जाना नहीं उस जहान |
टूटी गर्दन कटी जुबान,
लेके आयी हूँ भगवान |
- रविन्द्र राजदार / @RavindraRajdar


