हम नवयुग के प्राणी है !
हो सकते हैं बेकार मगर,
हम बेगार नहीं हो सकते |
ले सकते है मदद मगर,
हम मददगार नहीं हो सकते |
सबका दिल मुझपे आये,
हम तलबगार नहीं हो सकते |
सब करें मेरी तरफदारी,
हम तरफ़दार नहीं हो सकते |
कोई मुझको पार लगा दो,
हम खेवनहार नहीं हो सकते |
- रविन्द्र राजदार /@ojhaRN
*चित्र - इंटरनेट साभार


