हर बात याद रहती है,
जो तुम कह न सके थे |
क्या तुम समझ पाए थे,
जो हम कह न सके थे |
थोड़ा ही तो गए थे तुम,
और हम रह न सके थे |
थोड़ी सी बात क्या बोली,
और तुम सह न सके थे |
हम लूट गए जिन सदाओं में,
मुह्हबत थी बेवजह न सके थे |
तुम बह गए जिन हवावों में,
हम उन में बह न सके थे |
हर बात याद रहती है,
जो तुम कह न सके थे |
क्या तुम समझ पाए थे,
जो हम कह न सके थे |
-रविन्द्र #राजदार


