
चलो जमाये मुशायरे
कुछ ग़म के मारों को बुलाओ,
जो खुश है छोड़ो उन्हें
जाके मेरे यारों को बुलाओ |
बेगुनाह जो हों सजायाफ्ता
ऐसे ही गुनहगारों को बुलाओ,
कर्ज लेके भी हैं जो भूखे
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चलो जमाये मुशायरे
कुछ ग़म के मारों को बुलाओ,
जो खुश है छोड़ो उन्हें
जाके मेरे यारों को बुलाओ |
बेगुनाह जो हों सजायाफ्ता
ऐसे ही गुनहगारों को बुलाओ,
कर्ज लेके भी हैं जो भूखे