Poetry 1 min read 781.9K reads

सही है


सही है

मंज़िल दूर सही,रास्ते मुश्किल हैं।पर हौसला भी बुलंद है।

अड़चनें अनेक सही,व्यवधान बड़े हैं।तो अपने ईष्ट पे विश्वास भी अडिग है।

शिखर पे पहुंचेंगे ज़रूर,थोड़ी देर है।तो देर सही है।

— रवीन्द्र रायकवार
Read more Earn more Learn more