यदि निरंतर निष्ठा से बस, करते रहो प्रयास तुम
इक दिन ऐसा भी आयेगा, रच दोगे जब इतिहास तुम

कुदरत के इस चक्कर में कुछ आते हैं, कुछ जाते हैं
पर हालातों से लड़ते जो, आदर्श वही कहलाते हैं
तुम चाहो या ना चाहो, ये सुईयां चलती जाएंगी
असफलताएं भी जीवन का हिस्सा हैं, ये आएंगी
इन असफलताओं के कारण, मत होना कभी निराश तुम
इक दिन ऐसा भी आयेगा, रच दोगे जब इतिहास तुम

अपनी मेहनत के पंखों से, आकाश भले तुम छू लेना
पर अहंकार को ऊपर अपने, हावी मत होने देना
ऊपर वाले की रहमत का, सर पर तेरे हाथ रहे
सबसे ज्यादा ताकतवर, ये वक़्त भी जब तेरे साथ रहे
तब, कभी किसी का गलती से भी, करना मत उपहास तुम
इक दिन ऐसा भी आयेगा, रच दोगे जब इतिहास तुम

~Ravi