है तू ही आखिरी ख्वाहिश, तू ही पहली मोहब्बत है
बिना तेरे तो अब जीना, लगे जैसे क़यामत है
बसी है तू मेरे दिल में, कि जैसे हो कोई आयत
इबादत है इबादत है, तू अब मेरी इबादत है

ख़ुशी तेरे कदम चूमे, दुआ मेरी है ये दिल से
छोड़ कर जा रहा हूँ मैं, तेरी आबाद महफिल से
शकल मनहूस ये अपनी, तुझे न फिर दिखाऊंगा
तेरे खुशहाल जीवन में, कभी वापस ना आऊँगा
गिला ना है कोई तुझसे, ना कोई भी शिकायत है
इबादत है इबादत है, तू अब मेरी इबादत है

कमी क्या रह गई मुझमें, तेरे काबिल ना बन पाया
क्यूँ तेरा प्यार पाकर भी, तुझे हासिल ना कर पाया
लकीरों में तो बस मेरी, लिखे है सिर्फ ग़म ही ग़म
ना मिल पाए जमीं पे तो, मिलेंगे आसमां में हम
गुज़ारे थे जो पल हमने, वही मेरी अमानत है
इबादत है इबादत है, तू अब मेरी इबादत है

~Ravi