मेरी ज़िंदगी में आकर अहसान कर दिया
जीवन में मेरे प्यार और सम्मान भर दिया
लक्ष्मी है खुद घर की, फिर भी मुझे पूजा
इंसान भी न था, मुझे भगवान कर दिया

मायके का घर और परिवार भी छोड़ा
ससुराल में आकर के नए रिश्तों को जोड़ा
ज़िम्मेदारी का मुझे, अहसास दिलाया
खोया अगर कभी तो, विश्वास जगाया
पूरी ज़िंदगी को अपनी, मेरे नाम कर दिया
इंसान भी न था, मुझे भगवान कर दिया

तुमने ही घर को रत्न इक, अनमोल है दिया
इसके लिए तुम्हारा, तहे दिल से शुक्रिया
तिनका-तिनका जोड़कर, इस घर को सजाया
छोटी-छोटी खुशियों में, त्यौहार मनाया
गुल को मेरे तुमने, गुलिस्तान कर दिया
इंसान भी न था, मुझे भगवान कर दिया

मेरे लिए ही व्रत और उपवास भी किए
रोशन रहे घरौंदा, जलती है इसलिए
दुख की न आए छाया, मन में ये आस है
घर, स्वर्ग से हो सुंदर, उसका प्रयास है
उलझनों को मेरी, आसान कर दिया
इंसान भी न था, मुझे भगवान कर दिया

~Ravi