मैंने पूछा माँ से इक दिन, माँ बता ये धर्म क्या है
माँ ने बतलाया मुझे कि, ये तो बस इक रास्ता है
जिसपे चल के इस जहाँ में, हम सदा नेकी करें
जिस राह भटके मन तेरा, वो राह अनदेखी करें
रावण कभी बनना नहीं, ग़र राम बन सकते नहीं
पैदा हुए इंसान तो, इंसान रहकर ही मरें
पूछा मैंने माँ से क्या इंसान की पहचान है
माँ ये बोली लाड़ले सुन ये बहुत आसान है
पर-उपकार, क्षमा, सद्बुद्धि जिनमें गुण ये तीन है
सही मायने में बेटा वो ही इक इंसान है
फिर मैं बोला माँ से अपनी प्रश्न इक दुविधा का है
सबसे अच्छा धर्म दुनियाँ में बता माँ किसका है
मुझसे मेरी माँ ये बोली सुन मेरे ओ लाड़ले
इस जहाँ में सबसे अच्छा धर्म "मानवता" का है
~Ravi
