कैसे यहाँ पहचाने कौन सा पीला पीतल,

कौन सा पीला स्वर्ण हैं,


रास्ता नही कोई सीधा रास्ता ही थोड़ा विकर्ण हैं,


एक तरफ पत्नी को जुएं में दांव पर लगाते पंचनायक,


तो दूसरी ओर, मातृवचन मित्रवचन को निभाने,

जान भी दांव पर लगाते दुराचारी कर्ण है।





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