चांद, तारे, पहाड़, नदियाँ, झरनेजगहें कितनी ही इश्क़ करने की,हमें जरूरत ही नही हुई,तुममे समाहित सब जैसे नशे इश्क़ करने की।
चांद, तारे, पहाड़, नदियाँ, झरनेजगहें कितनी ही इश्क़ करने की,
हमें जरूरत ही नही हुई,तुममे समाहित सब जैसे नशे इश्क़ करने की।