लड़ोगे नही खुद की समस्यायों से
तो जिंदगी भी कहाँ चल पाएगी,
पत्थर रास्ते के अगर नही तोड़ेंगी
तो ये नदिया भी भला रास्ता कैसे बनाएंगी,
कुछ अजीवो में छीपा है , जीवन का सार,
लाखो की जीवनदायिनी अगर ना हो,
गंगा भी मां का दर्जा कैसे पाएगी।


लड़ोगे नही खुद की समस्यायों से
तो जिंदगी भी कहाँ चल पाएगी,
पत्थर रास्ते के अगर नही तोड़ेंगी
तो ये नदिया भी भला रास्ता कैसे बनाएंगी,
कुछ अजीवो में छीपा है , जीवन का सार,
लाखो की जीवनदायिनी अगर ना हो,
गंगा भी मां का दर्जा कैसे पाएगी।