कितनी भी कोशिश कर लो रुकने की,पर एक दिन जाने की मंजूरी आ ही जाती है,रिश्ता कितना भी मजबूत क्यों ना हो,बातें-मुलाकातें ना हो तो दूरी आ ही जाती है।
कितनी भी कोशिश कर लो रुकने की,पर एक दिन जाने की मंजूरी आ ही जाती है,
रिश्ता कितना भी मजबूत क्यों ना हो,बातें-मुलाकातें ना हो तो दूरी आ ही जाती है।