कविता यहाँ से सुने -

https://youtu.be/aAgfHcGC-mQ




जानवर कई थे, दिमाग वाला एक था,

जी सब रहे थे, जीने का मकसद ढूंढने वाला एक था ,


जीने के इसी मकसद को तलाशते,

खुद को दिलाषा की कोई तो इनको तराशे,

किसी टुकड़े के लिए अपनों से ना लड़ पड़े

साथ तो रहना ही पड़ेगा,

क्युकी बड़े-बड़ो के बीच अकेले रहना ठीक ना जान पड़े |


साथ में रहने को, सबको समानता दिलाने को ,

जानवरो से अलग, बेहतर इंसान बनाने को,

नियम कुछ बना दिए,

इनका हो पालन इसलिए कुछ तरीके भी सुझा दिए ,


जानवरो से अलग दिखे,

खुद को तैयार करे,

शांतिप्रिय हो जीवन ये ना किसी पर वार करे ,

इसलिए पूरवजों ने धर्म में हमारे भगवांन के नाम पर

नियम कुछ बना दिए |


आज उन नियमो में कुछ बदलाव सा दिखता है ,

अपना धर्म फ़ैलाने को ,और बचाने को ,

मनुष्य आपस में ही मरता और मारता है |


हमारे भगवान को बुरा बोला , इस बात पर कितने मार दिए,

हमारे धर्म से नहीं जुड़े, इस बात पर बस्ती कितनी उजाड़ दिए,

जन्नत जाने को तुमने, धरती के ही जन्नत बर्बाद किये |


किसी के बोल देने से क्या तुम्हारा धर्म बुरा हो जाता है,

किसी के लिख देने से क्या तुम्हारा भगवान छोटा हो जाता है ,

विडम्बना है बड़ी, जिस हैवान को भगवान मिटाते ,

उसी भगवान को बचाने में इंसान हैवान हो जाता है |


अपने धर्म की बातो को जो तुम बदल कर बता रहे हो,

खुद क्या समझ रहे हो जो दुसरो को समझा रहे हो,

अपनी रोटी सेकने को ,पैसा पाने को ,

तुम छोटे-छोटे बच्चो को भी धर्म के नाम पर मरवा रहे हो |


मस्जिद बनाने को पहले मार दिए कितने हिन्दू,

फिर मंदिर बनाने को मार दिए कितने मुसलमान,

अब आप बताईये जिस जगह बहा उसके ही बच्चो का खून,

उस जगह पर कैसे रहेगा भगवान | 


भाई जाओ पहले पढ़ो अपनी-अपनी किताबो को ,

चार वेद जीवन का तरीका बताते है,

किसी भी भगवान की बात ना करते ,

आदर्श इंसान कैसे बने बस इतना समझाते है ,


रामायण,गीता , महाभारत तक में किसी के आगे कोई सरनाम नहीं,

जाती बताते उसके कर्म , जन्म है शुरुआत परिणाम नहीं,

कुरान ने प्यार करना सिखाया, जिहाद में बेचना धर्म ईमान नहीं,

मुहम्मद ने बलिदान सिखाया लेना किसी की जान नहीं,

इसा ने मोहब्बत फ़ैलाने को जान बलिदान कर दी ,

धर्म फ़ैलाने में जान लेना ये किसी धर्म का अंजाम नहीं | 


अगर जीवन तुम प्यार करने वालो के साथ बिताओगे ,

अपने ही लोगो में तुम भगवान को देख पाओगे ,

लड़ झगड़ कर थोड़ा नाम तो तुम पाओगे ,

पर नहीं बन पाओगे इंसान ,

क्या लगता , उसको तुम्हारे बचाने की जरुरत है ,

जो है इस ब्रम्हांड में सर्वशक्तिशाली , सर्वशक्तिमान | 


प्यार करो , प्यार से आगे बढ़ जाओ ,

जो तुम्हारे साथ ना बोले, तुम्हारी बात ना बोले,

उनको भी साथ लिए चल जाओ,

बन जाओगे तुम महान ,

जब इंसान में ही तुम्हे दिखेगा भगवान | 

जब इंसान में ही तुम्हे दिखेगा भगवान | 


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