तौर तरीके दुनिया के अपने अजीब,

बस अलग हूँ, जैसा था, वैसा जस का तस हो जाऊँ,

इतनी दुआ कबूल करना महाकाल,

बस मर जाऊँ जब, मैं फिर से बनारस हो जाऊँ।