मुसीबत ही नही सफलता के वक़्त भी

असली मित्रों का पता चलता है,

बस देखो कौन तुम्हारी तरक्की पर

झूठी हंसी हँसता है,

देखो कांटा तुम्हारी सफलता

का सबसे ज्यादा कहाँ चुभता है।


इंसान है, दिल से अगर नही चाहेगा,

तरक्की हो किसी और कि भला कहाँ देख पायेगा,

तुम्हे वो अपनी चिकनी चुपड़ी बाते चिपकायेगा, पर होगी वही तुम्हारी सफलता पर मातम मनाएगा,


ऐसे जहरीले लोगो की रखो पहचान,

सांप घर मे दिख जाए,

तो बाहर निकलने तक रखो उसका ध्यान,

बारीक अंतर होगा, साँप और केचुए में,

एक दिखे तो फसल लहलहायेगी,

एक दिखे तो खेत में ही चले जायेंगे प्राण।


ऐसे लोगो को अंदर ही कुढ़वाओ, करो मेहनत और सफलता के गीत इनसे गवाओ,

दांत टूटे भी अगर, जहर तो नही जाएगा,

पर सतर्क रहोगे अगर,

कम से कम काट तो नही पायेगा।




ऐसे ही ग़ज़ल, कविता , व्यंग्य और कहानी के लिए कृपया फॉलो कर ले।


आपका प्यार होगा तभी तो लिखना मजेदार होगा।


twitter.com/ra1vi2

instagram.com/ra1vi2



#ra1vi2