अभी जोप्रेम मेंयेगेसू खुले रखनेको कहते है...!यही टोकेंगेकलजब दुपट्टासर से सरकेगा ।जय भोले जी...
अभी जोप्रेम मेंयेगेसू खुले रखनेको कहते है...!
यही टोकेंगेकलजब दुपट्टासर से सरकेगा ।
जय भोले जी...