ईंट पे ईंट रखी थी घर बनाने के लिए
रंगों से पोता था उसे चमकाने के लिए
कुछ तस्वीरें लगाई थी उसे सजाने के लिए
कुछ मेहमान बुलाए थे खुशियाँ मनाने के लिए
एक ने कहा ये तो बनाया है तुमने दिखाने के लिए
हम भी नाराज हो गए
एक और मंजिल बना दी उसका दिल जलाने के लिए


