सारे शहर में बात फ़ैल गई है
दिल में कोई चीज टूट गई है
कुछ तो ख़ास है वो बातों में
जो बात हम से छुपाई गई है
कब तलक हम से छुपाओगे
हमारी निगरानी सुरु हो गई है
हमारा ख़याल भी रखा करो
हमारी सिफारिश की गई है
तुम नहीं आओगे तो चलेगा
हमारी हाज़िरी तय की गई है
सवाल करे सांस छीन लेना
ये बात अच्छे से की गई है
-रवि नकुम (ख़ामोशी)

