काली घटा यूँ छंटे

उंजियारा हर पथ बने

हार का डर कहीं पीछे छोड़ के

जीत के लिए तेरे हर क़दम उठे

द्वेष का भाव ना रहे

प्यार की फसल हर खेत उगे

ये प्रारम्भ हो प्रचंड राही

राहों के हर काँटे भी फूल बने

काली घटा यूँ छंटे

उंजियारा हर पथ बने

#ravim1987