वो तेरा ही था 

उस पतंग जैसा 

जो हवा के संग बहा 

धागे की ढील उसकी 

हवा में बेफिकर उड़ान भी उसकी 

दूर जा के 

वापस आने का जज्बात भी उसका 

अगर ना चाहते हुए भी 

डोर जो टुट गयी 

दूर जाते जाते 

पास होने का हर एहसास भी उसका..

#ravim1987