कुछ किस्सा याद आता हैवो गली कूचा मुहल्ला याद आता हैवो अल्हड सा बचपन और वो आमों बगीचा याद आता हैमस्त मौला बाँकपन औरवो बेफिक्र वाला सलीका याद आता हैकुछ किस्सा याद आता हैवो गली कूचा मुहल्ला याद आता है