इशारे ही काफी होते हैं
सुकूने जां के लिए,
हर बार कुछ कह जाना जरूरी तो नहीं...
कुछ इस तरह वफा निभाया उसने...
जाने भी दिया और साथ छोड़ा भी नहीं...
आज कल वो हर पल मेरे साथ ही रहता है,
लेकिन वो मेरे पास भी नहीं...
अब तो जिंदगी यूं कट रही है के,
वो जरूरी भी है और उसकी जरूरत भी नहीं...
- रौनक प्रवीण
