एक दिन,
हिस्से में किसी के भूख आई,
किसी ने आज धूम मचा लिया।
नींद जहां आई,
किसी ने राहों को घर अपना बना लिया।
हजार कोशिशें किसी के हिस्से में आई,
किसी ने अंडर टेबल सब कुछ पा लिया।
बेच कर घर में खुशियां लाई,
किसी ने खरीद कर खुशियां पा लिया।
दुनिया ये रास न आई,
किसी ने जिंदगी को फिर भी गले लगा लिया।
~रौनक प्रवीण
