कितना बेफ़िक़्र ये बचपन होता है,
कोई बंदिशें ना कोई खोट होता है..
होती हैं जो हमसे वो प्यारी सी खतायें,
कैसे बड़ी जल्दी सब माफ़ होता है..
शायद सब को हमारी उन हरकतों से बस तभी प्यार होता है,
माना बचपन में बड़ा होना एक ख्वाब होता है,
पर लगता है सिर्फ बचपन में ही सब के साथ इन्साफ होता है।