जीवन वन 

लांघे काल पहाड़

सैलानी हम


गुफा सा तन 

बाग सा सजा मन 

जीवन वन


सैलानी मन 

तितली से सपने

उड़े मगन 


प्रीत वन में 

हैं सैलानी प्रीतम

न हो सितम


रूकना क्यों है

व्योम की चाहत है 

हौसला संग


रौशन राह 

अंध गुफा निकसे

लिए हौसला

--रश्मि किरण