ज़िद है बेख़ौफ़ डूब जाने कीवज़ह नहीं अब लौट आने की,क्यूँ तलाश भला उस मंज़िल कीजंहा नहीं कोई राह जाने की.
ज़िद है बेख़ौफ़ डूब जाने कीवज़ह नहीं अब लौट आने की,
क्यूँ तलाश भला उस मंज़िल कीजंहा नहीं कोई राह जाने की.