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ये दिल


बस बेवफा सा है ये दिलयकीन नहीं कर पाता

रौशनी में भी चलते चलतेहै ये डर जाता

परवाज़े इश्क़ मुयस्सर है इसेपर हर दिल ये है मँडराता...

— Rashid Ali Ghazipuri
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