तड़प ये रूह की's image
128K

तड़प ये रूह की

तड़प ये रूह की

क़ल्ब भी सिहर उठे

अब भला ये राग कैसा

जो हर दिल जल उठे,

जिस्मो की ये दुनिया

जिसमें सारी रूहें उलझी,

बस बेबस ही हैं वो

सिर्फ तड़पती और सिसकती,

निज़ात

Tag: Love और2 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!