कुछ लफ्ज ही काफी हैंहर रुख बदलने कोझूठे चेहरों के हर सिम्त उधड़ने कोचमक ये झूटी है सब यकसां चेहरे की
कुछ लफ्ज ही काफी हैंहर रुख बदलने को
झूठे चेहरों के हर सिम्त उधड़ने कोचमक ये झूटी है सब यकसां चेहरे की