बेरंग सा हूँ's image
98K

बेरंग सा हूँ

वफ़ा की चाहत ,

पर मैं बेरंग सा हूँ

तेरे लिए प्रिये मैं मलंग सा हूँ

बस भटकता ही रहता हूँ

तेरी ही गलियों में

न कोई ड़ोर नहीं कोई आसमा

Tag: poetry और5 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!