एक पर्दा हमारे जात पे ज़िन्दगी का हैबे पर्दा हुए इस बार तो देखना हश्र भी क्या है …-Rashid Ali Ghazipuriहश्र – doomsday, resurrection, tumult
एक पर्दा हमारे जात पे ज़िन्दगी का हैबे पर्दा हुए इस बार तो देखना हश्र भी क्या है …
-Rashid Ali Ghazipuri
हश्र – doomsday, resurrection, tumult