तू है तो है हम, तू नही तो कुछ नही


जिंदगी की इस चकाचोंध में


कभी ग़मो का सैलाब तू


कभी खुशियों का समुन्दर तू


तू है तो है हम तू नही तो कुछ नही


थके अगर हम तो आवाज़ देकर जगे हम


भारी धूप में भागे हम


कभी जिंदगी से हार कर


भरोसे तेरे बैठे हम


तू है तो है हम तू नही तो कुछ नही।।


रणजीत: हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय शिमला पीएचडी शोध छात्र