तेवरी
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इन दुःखदर्दों से मुक्ति मिले
अब रहे न मन ग़मगीन। आमीन।।
कुछ ख़्वाब मिलें मीठे-मीठे
कुछ ख़्याल रहें नमकीन। आमीन।।
अब दुश्मन पाक ख़ौफ़ में हो
सीमा में घुसे न चीन। आमीन।।
सच्चा अपमानित ख़ूब हुआ
अब और न हो तौहीन। आमीन।।
सब एक रहें हिंदुस्तानी
बस बजे प्रेम की बीन। आमीन।।
*रमेशराज

