*रति वर्णवृत्त में तेवरी***********खल हैं सखीमल हैं सखी।जन से करेंछल हैं सखी।सब विष-भरेफल हैं सखी।सुख के कहाँपल हैं सखी।नयना हुएनल हैं सखी।*रमेशराज
*रति वर्णवृत्त में तेवरी***********खल हैं सखीमल हैं सखी।
जन से करेंछल हैं सखी।
सब विष-भरेफल हैं सखी।
सुख के कहाँपल हैं सखी।
नयना हुएनल हैं सखी।*रमेशराज